Political News: कौन-कौन बने INDIA गठबंधन के ‘ट्रोजन हॉर्स’ सांसद, देश की राजनीति में पहली बार प्रयोग हुआ ‘ट्रोजन हॉर्स’

Political News: देश की राजनीति में इस समय ‘ट्रोजन हॉर्स’ शब्द काफी सुर्खियों में है। इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार का हारना तो तय था, लेकिन इंडिया गठबंधन अपनी एकजुटता का प्रदर्शन कर बिहार में आगे बढ़ने का सपना देख रहा था। विपक्षी खेमे की गणना कम से कम 315 वोटों की थी। जबकि उनके उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को केवल 300 वोट मिले। विपक्षी INDIA गठबंधन को असली झटका अपने ही वोट बैंक में सेंध से लगा है।
नतीजे आने के बाद विपक्षी खेमे में गद्दारों की तलाश शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी और महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) तथा एनसीपी (शरद पवार) खेमों पर सबसे ज्यादा उंगलियां उठ रही हैं। राजस्थान से एक सांसद और तमिलनाडु से आए वोटों पर भी चर्चा है। उपराष्ट्रपति चुनाव में पार्टी व्हिप लागू नहीं होता, इसलिए नेताओं के लिए क्रॉस-वोटिंग आसान हो गई।
वोटिंग के तुरंत बाद कांग्रेस के जयराम रमेश ने X पर लिखा था कि विपक्ष ने 100% उपस्थिति दर्ज की और 315 सांसदों ने वोट डाला। लेकिन नतीजे आने के दो घंटे के भीतर ही यह एकजुटता ढहती नजर आई। विपक्षी खेमे को उम्मीद थी कि यह चुनाव बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एकता का प्रदर्शन करेगा, लेकिन उलटे ट्रोजन हॉर्स ने घर में ही सेंध लगा दी।

नतीजों ने दिखाया कि कम से कम 15 वोट विपक्षी पाले से NDA की ओर चले गए। कुछ वोट जानबूझकर अवैध घोषित किए गए बताए जा रहे हैं।
क्या है ट्रोजन हॉर्स
यह शब्द कंप्यूटर की भाषा से लिया गया है। ट्रोजन हॉर्स एक प्रकार का मैलवेयर है जो खुद को एक वैध, उपयोगी सॉफ्टवेयर के रूप में दिखाकर उपयोगकर्ताओं को धोखा देता है, ताकि वे इसे डाउनलोड और इंस्टॉल करें। एक बार सक्रिय होने पर, यह उपयोगकर्ता के सिस्टम में अनधिकृत पहुंच करता है और संवेदनशील जानकारी चुरा सकता है या सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है। इसका नाम प्राचीन यूनानी मिथक से लिया गया है, जिसमें ट्रोजन शहर में घुसने के लिए एक विशाल लकड़ी के घोड़े का उपयोग किया गया था।
ट्रोजन हॉर्स वास्तविक सॉफ्टवेयर या फाइल की तरह दिखता है, जिससे उपयोगकर्ता को लगता है कि यह हानिरहित है। यह सोशल इंजीनियरिंग, ईमेल अटैचमेंट या नकली सॉफ्टवेयर अपडेट के माध्यम से सिस्टम में प्रवेश कर सकता है। उपयोगकर्ता अनजाने में ट्रोजन हॉर्स डाउनलोड और इंस्टॉल करता है, यह सोचकर कि वह एक वैध सॉफ्टवेयर है। इंस्टॉल होने के बाद, ट्रोजन अपने वास्तविक उद्देश्य को पूरा करता है, जिसमें डेटा चोरी, सिस्टम की निगरानी या अन्य मैलवेयर के लिए रास्ता खोलना शामिल है। वर्तमान में क्रॉस वोटिंग को भी इसी रूप में देखा जा रहा है। इसलिए इस क्रॉस वोटिंग में ट्रोजन हॉर्स का प्रयोग किया गया है।